लखनऊ अग्निकांड में 15 की मौत, अवैध इमारत होगी ध्वस्त; यूपी में 48 कोचिंग सेंटर सील, अखिलेश ने मांगा ₹1 करोड़ मुआवजा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। कोचिंग सेंटर और गेमिंग जोन वाले एक व्यावसायिक भवन में लगी आग में 15 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकांश युवा छात्र और प्रशिक्षु शामिल थे। हादसे के बाद राज्यभर में बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई है।
कैसे लगी आग?
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आग अलीगंज स्थित एक तीन मंजिला व्यावसायिक भवन में लगी, जहां कोचिंग सेंटर, गेमिंग जोन और अन्य गतिविधियां संचालित हो रही थीं। आग तेजी से पूरी इमारत में फैल गई, जिससे अंदर मौजूद लोग फंस गए। कई लोगों ने जान बचाने के लिए इमारत से छलांग भी लगाई। घटना के कारणों की जांच के लिए SIT गठित की गई है।
कितने बच्चों और युवाओं की हुई मौत?
अधिकारियों के मुताबिक इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की जान गई, जिनमें ज्यादातर युवा छात्र और प्रशिक्षु थे। कई अन्य लोग घायल हुए, जिनका इलाज अस्पतालों में चल रहा है।
अवैध इमारत पर चलेगा बुलडोजर
जांच में सामने आया है कि जिस भवन में आग लगी, वह निर्माण नियमों के उल्लंघन का मामला था। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने भवन मालिक को नोटिस जारी किया है और इमारत को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हादसे के बाद चार लोगों की गिरफ्तारी और कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है।
यूपी में 48 कोचिंग सेंटर सील
लखनऊ हादसे के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्यव्यापी जांच अभियान शुरू किया। सुरक्षा मानकों और फायर NOC में खामियां मिलने पर अब तक 48 कोचिंग सेंटर सील किए जा चुके हैं। कानपुर, नोएडा, वाराणसी, मथुरा, हापुड़ और अन्य जिलों में कार्रवाई जारी है।
अखिलेश यादव ने की ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को ₹1 करोड़ मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की।
सरकार ने दिए जांच के आदेश
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए SIT जांच के आदेश दिए हैं। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
निष्कर्ष
लखनऊ का यह अग्निकांड सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 15 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है और राज्यभर में कोचिंग संस्थानों की जांच शुरू कर दी है। अब सभी की नजर SIT जांच रिपोर्ट और दोषियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर है।
